• ब्रहस्पतिवार, सितम्बर  19, 2019
:: उच्चतर शिक्षा विभाग, मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा शिक्षक और शिक्षण पर पंडित मदन मोहन मालवीय राष्ट्रीय मिशन की योजना के अंतर्गत शिक्षक शिक्षण केन्द्र के लिए विद्यापीठ के शिक्षाशास्त्र विभाग को स्वीकृति प्रदान की है |
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नवीन सूचनाएँ
विशिष्टाचार्य छात्रो के मौखिक परीक्ष के संबंध में कार्यालय आदेश।   
डाउनलोड: कार्यालय आदेश
अंशकालिक पाठ्यक्रमों में भर्ती छात्रों के लिए दस्तावेज़ जमा करने की अंतिम तिथि के संबंध में कार्यालय आदेश
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विशिष्टाचार्य छात्रो के मौखिक परीक्ष के संबंध में कार्यालय आदेश।
डाउनलोड: कार्यालय आदेश
हिंदी पखवाड़ा की पूर्व संध्या पर आयोजित होने वाली संशोधित प्रतियोगिताओं के संबंध में सूचना
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शैक्षिक सत्र 2019-20 के लिए विद्यावारिधि पाठ्यक्रम में अस्थायी प्रविष्ट छात्रों के संबंध में सूचना।
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समयावधि 01.08.2019 से 31.08.2019 तक : विद्यावारिधि(पीएच.डी) डिग्री से सम्मानित किया जाने वाले छात्रों की सूची के बारे में अधिसूचना
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कार्यालय के काम में हिंदी भाषा को प्राथमिकता देने के संबंध में कार्यालय आदेश
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अतिथि अध्यापक (मानवाधिकार) की रिक्ति के लिए अंतिम प्रस्तुत करने की तारीख तथा वॉक इन इंटरव्यू के संबंध में सूचना
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शोधोपाधि समिति की बैठक के संबंध में कार्यालय आदेश
डाउनलोड: कार्यालय आदेश
2018-19 के दौरान स्व-वित्तपोषित अंशकालिक पाठ्यक्रमों के लिए आई-कार्ड के सम्बन्ध में सूचना
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विद्यापीठ-कुलगीतिका

 

यह संस्कृत विद्यापीठ श्रद्धेय श्रीलालबहादुरशास्त्राी जी के द्वारा सरंक्षित है। विद्यापीठ द्वारा अपनी शैशवावस्था में अखिल भारतीय संस्कृत साहित्य सम्मेलन के सहयोग से विविध महत्त्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किये गये। इस संस्था ने संस्कृत विद्वत्सम्मेलनों एवं विभिन्न समितियों का संयोजन संस्कृत-ग्रन्थों के सम्पादन और मुद्रण की व्यवस्था तथा संस्कृत-भाषण-प्रतिस्पर्धा एवं कवि-गोष्ठियों के आयोजनों से लोक में पर्याप्त ख्याति अर्जित की है।

 

भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेन्द्र प्रसाद, मूर्धन्य राजनेता श्री नरहरि विष्णु गाडगिल एवं श्रीबलवन्त नागेश दातार ने विद्यापीठ के प्रवर्तन का पथ प्रशस्त किया। दिल्ली के तत्कालीन उप-राज्यपाल डॉ. आदित्यनाथ झा आदि अधिकारियों ने इस विद्यापीठ को सरकारी अनुदान द्वारा समृद्ध किया। पण्डित-मण्डली से मण्डित डॉ. मण्डन मिश्र आदि विद्वज्जनों के समूह द्वारा इस विद्यापीठ का शैक्षणिक स्तर उन्नत किया गया।

 

श्रीमती इन्दिरा गाँधी जी तथा विभिन्न केन्द्रीय मंत्रियों ने इस विद्यापीठ का सम्पोषण किया। भारत सरकार द्वारा शास्त्री जी के स्मारक रूप में इसके अधिग्रहण करने की घोषणा कर विद्यापीठ का विकास किया। विभिन्न राजनेताओं ने इस विद्यापीठ के कार्यों का यशोगान करके इसे लोक में विशष रूप से प्रतिष्ठित किया।

 

यह विद्यापीठ सभी छात्रों के शिक्षण और संस्कृत शिक्षकों के प्रशिक्षण में सजग है। विद्यापीठ ने अपने मार्ग में आने वाले सैकड़ों विघ्न-बाधाओं का निवारण साहस के साथ किया है। हमें हर्ष है कि इसने शैशवकाल में ही विश्व के कोने-कोने में अपनी कीर्ति पताका फहराई है। ऐसा यह विद्यापीठ श्री लाल बहादुर शास्त्री जी द्वारा संभव हुआ है।

 
 
 
 
 
  2006 सर्वाधिकार सुरक्षित संस्कृत विद्यापीठ , नई दिल्ली , सम्मति  :वेबमास्टर डिस्क्लेमर         अच्छा प्रदर्शन : 800X600
कम्प्यूटर केन्द्र द्वारा अनुरक्षित-एस एल बी एस आर एस वी , नई दिल्ली, ११००१६